दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र ,
णमोकार महामंत्र साधना केंद्र
बही पार्श्वनाथ चौपाटी ,
जिला - मन्दसौर , मध्य प्रदेश ( भारत )




















 

महू - नीमच हाईवे रोड पर मन्दसौर शहर से मात्र १३ कि. मी. की दुरी पर आचार्य श्री कल्याणसागर जी महाराज का समाधिस्थल, श्री णमोकार महामंत्र साधना केंद्र प्रदेश में ही नहीं अपितु पुरे देश में आस्था का केंद्र बन गया हैं। प्रकृति के सुरम्य वातावरण में फैले इस पवित्र क्षेत्र में प्रारम्भ में श्री आदिनाथ जिनालय एवं ध्यान केंद्र की स्थापना की गई हैं। धीरे-धीरे क्षेत्र का विकास हुआ और आचार्य श्री कल्याणसागर जी म. सा. की भावना के अनुरूप यहाँ भगवान पार्श्वनाथ के भव्य मंदिर एवं मान स्तम्भ का निर्माण करवाया गया। मंदिर की मुख्य वेदी में भगवान पार्श्वनाथ की कालेप्रस्तर की अत्यंत मनोहर, पद्मासन प्रतिमा स्थापित की गई. दूसरे तल पर भी भगवान पार्श्वनाथ की प्रस्तर एवं अष्ठधातु की विशाल प्रतिमाए विराजमान की गई है। इसके साथ ही चौबीसो तीर्थकरों के रूप में दर्शनार्थ विराजित हैं।

श्री णमोकार महामंत्र साधना केंद्र, महू-नीमच हाइवे पर स्तिथ होने से लम्बी यात्राओ पर निकलने वाले यात्रियों के लिए ठहरने व रात्री विश्राम हेतु भी यह उप्युक्त स्थल है। अतः यहाँ सुदूर क्षेत्र से आने वाले श्रावक भी यहा आकर दर्शन आदि का लाभ प्राप्त करते हैं।
वास्तव में यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां असीम आनंद व शांति की अनुभूति की जा सकती हैं। यहा तीर्थ वंदना कर सातिशय पुण्य लाभ प्राप्त करते हुए आनंद के स्पंदन को प्राप्त किया जा सकता हैं।


आवागमन के साधन

 

रेल्वे स्टेशन पिपलिया मंडी से 3 कि. मी. दूर , मन्दसौर से 13 कि. मी. दूर क्षेत्र फोर लाइन अजमेर इंदौर मार्ग पर हैं। हर समय क्षेत्र पर बस सुविधा मिलती हैं। एयर लाइन उदयपुर से 170 इंदौर से 225 कि. मी. दूर हैं।


सुविधाएँ -

 

श्री णमोकार महामंत्र केंद्र महू - नीमच हाईवे पर स्थित होने से सभी दर्शनार्थियों के लिए तीर्थ पर ठहरने व भोजनशाला की उपयुक्त व्यवस्था हैं। तीर्थ पर निम्न सुविधाएँ उपलब्ध है-

  • आवास सुविधा - कमरे ( अटेच बाथरूम ) 13 , हॉल 2 ( यात्री क्षमता 50 ) , गेस्ट हाउस 6 एवं विश्राम गृह 20 एवं भोजनशाला उपलब्ध हैं।
  • आहार कक्ष - साधु - साध्वी एवं त्यागी व्यक्तियों के लिए आहार सुविधा।
  • जलपान गृह -नाश्ता , चाय , दूध आदि की सुविधा।
  • विद्यालय - बालक / बालिका हायर सेकेण्डरी स्कूल ( 800 विद्यार्थी अध्ययनरत )
  • शिक्षा का माध्यम - हिंदी एवं अंग्रेजी।